Wednesday, July 15, 2026

क्या करें ?

क्या करें ? 

देखते देखते हो गए 
आँखों से ओझल क्या करें ?
जो हर जगह दिखते थे
अब है लापता क्या करें ?

देखते देखते झर गए 
शाखों के पत्ते क्या करें ?
जो हरे थे पीले हो गए
जमाने का दस्तूर क्या करें ? 

जो बनकर घूमते थे राजा
वो रंक बन गए क्या करें ?
जो थे हर मर्ज़ का इलाज
वो पड़े हैं बीमार क्या करें ?

इठलाते थे ठुकरा कर जो हमें 
तरसे हैं मिलन को क्या करें ?
हम जो पहले नहीं दिखे काम के
अब हर काम हमीं से क्या करें ?

कुमार अनेकांत 
१४/०७/२६