Saturday, June 27, 2026

जैन एकता जिंदाबाद

*जैन एकता जिंदाबाद*

हम मुट्ठी भर लोग हैं 
पर परस्पर न कोई योग है 
दूसरे पंथों को खत्म करने पर तुले हैं 
अपने ही अंग काटने पर तुले हैं 
अपनों पर ही चल रहे सारे हथियार
पराये हैं सुरक्षित करके भी वार
इसलिए कमजोर हैं 
जैनेतर का दिखता जोर है 
सीखो मधुमक्खियों से एकता
कोई उन्हें छेड़ भी नहीं सकता
नन्हीं सी जान हैं 
पर एकता में महान् हैं 
गिनती में अल्पसंख्यक 
पर ताकत में बहुसंख्यक
अब सारे अहम् छोड़ दो
बस साधर्मी को जोड़ दो
निवेदन है बस एक ही यार 
विधर्मी से समता रखो
और साधर्मी से प्यार 

*प्रो अनेकांत कुमार जैन ,नई दिल्ली*

Saturday, June 20, 2026

आखिर छीन ही लिया

आख़िर छीन ही लिया

रास्ता पूछने के बहाने ही
तुमसे दो बातें कर लेते थे,
मगर गूगल नाम की सौतन ने
वो बहाना भी छीन ही लिया।

माना कि इंटरनेट ने
हमें बहुत कुछ दिया है,
पर कलम-किताब के संग
तेरे दीदार का सिलसिला भी छीन ही लिया।

अब न राहों में ठहराव है,
न पूछने का कोई बहाना,
इस नई दुनिया की रफ़्तार ने
मिलने-जुलने का ज़माना ही छीन लिया।

कुमार अनेकांत
20/06/2026