Monday, March 27, 2023

दादा तुम किस मिट्टी के बने थे

तुम किस मिट्टी के बने थे

- कुमार अनेकान्त

दादा 
तुम किस मिट्टी के बने थे 
असंख्य तूफानों के बीच भी 
अकम्पित तने थे 

नख से शिख तक 
तुम्हें घेरे रहने वाले 
कष्टों की छाया भी 
तुम्हारे चेहरे पर 
नहीं दिखती थी

विरोधियों की भीड़
आनंदित मुख पर 
चिंता का एक भी 
अक्षर नहीं लिखती थी 

अपने भीतर 
संघर्षों का जहर छिपाए 
किसी समुंदर की भांति 
शांत और गहरे थे तुम 

प्रवचन लेखन से 
मिथ्यात्त्व भगा देते थे 
उदास चेहरों को हँसाकर 
पल में बहला देते थे 

सहज ही रहते थे 
और वही सिखलाते थे 
जिनवाणी के सच्चे सपूत 
कहलाते थे 

जब कि हम और 
हमारे जैसे कई 
अपने राई से दुःख को 
पहाड़ सा बताते हैं 
कृत्रिम विकल्प लादे 
शिकवे शिकायत करते 
रोते और पछताते हैं

अभिलाषा बस यही है 
कि तुम्हारे व्यक्तित्व का 
एक अंश भी पा सकूँ 
मिथ्यात्व के अंधकार में 
सम्यक्त्व का दीप जला सकूँ 
प्रश्नों और समस्याओं 
के बीच भी 
तुम जैसा खुलकर गा सकूँ 
और अंत समय तक 
जिनवाणी सुना सकूँ 
सहज समाधि 
प्राप्त कर सकूँ ।

दादा
तुम किस मिट्टी के बने थे 
असंख्य तूफानों के बीच भी 
अकम्पित तने थे ।

(26/03/23 तत्त्ववेत्ता प्रख्यात जैनदार्शनिक अध्यात्म मर्मज्ञ गुरुवर डॉ हुकुमचंद भारिल्ल जी की  समाधि पर भावांजलि / विनयांजलि ।)

Wednesday, February 22, 2023

मुझे विकास चाहिए

मुझे 5 G नहीं 
बल्कि 
मुझे jio से पूर्व का भारत वापस चाहिए 

जब इंटरनेट का इस्तेमाल 
बहुत जरूरत के लिए ही होता था ।

OTT आम नहीं था 
देश का साधारण
युवा PubG के 
नशे में नहीं था 

शिक्षक साक्षात पढ़ाते थे 
और 
विद्यार्थी स्कूल और  कोचिंग जाकर ही 
पढ़ते थे 

बच्चे बाहर खेलने जाते थे 
युवा व्यायाम शाला या जिम जाते थे 
बुजुर्ग पार्क में टहलने जाते थे 

शाम के खाने पर सब एक जुट होकर कह कहे लगाते थे 

ब्रेन में ह्यूमर था 
ट्यूमर नहीं 

इंटरनेट महंगा था और
खुशियां सस्ती 

मुझे भोगों का 
विनाश 
और मनुष्य का 
विकास चाहिए 

मुझे विकास चाहिए ।

कुमार अनेकान्त
23/2/2023

Monday, February 20, 2023

महावीर होने का मतलब

*महावीर होने का मतलब*
महावीर होने का मतलब है गलत बात को स्वीकार न करना ,पाखंड को स्वीकार न करना ,ऐसा कोई भी क्रिया कांड न करना जिससे दूसरे जीवों को जरा सी भी तकलीफ हो ।

महावीर होने का मतलब है खुद को जानने की कोशिश करना ,उसके लिए शरीर से भी आसक्ति समाप्त करना और अपनी शुद्ध आत्मा का अनुभव करना ।

महावीर होने का मतलब है जब तक संसार में हैं तब तक यहां रहते हुए भी निर्विकार रहना । संसार में उसी तरह निर्लिप्त रहना जैसे कमल कीचड़ में रहकर भी उससे भिन्न रह कर खिलता है । 

महावीर का मतलब है करुणा,दया और सेवा की भावना से सभी जीवों के जीने के अधिकारों की रक्षा करना ,अपने तुच्छ सुख के लिए उनकी जान नहीं लेना ।

महावीर होने का मतलब है कर्तृत्व बुद्धि न होना ,जगत के स्वतः परिणमन को सहज स्वीकार करना । प्रत्येक द्रव्य को स्वतंत्र मानना।

महावीर होने का अर्थ है दूसरों को क्षमा कर देना और अपने अपराधों की क्षमा मांगना ।

महावीर होने का मतलब है प्रत्येक जीव में परमात्मा का दर्शन करना ।

यदि आप ऐसा कर सकते हैं तो महावीर कहते हैं कि 
आप भी महावीर हो सकते हैं ।


कुमार अनेकान्त
21/2/23

Sunday, December 18, 2022

आफ़ताब

खुद में वो काबिलियत पैदा करो ,
कि मंजिलें खुद मिलने को बेताब हों ।
क्या होगा तारों सा बन के अनेकान्त,
कुछ करो ऐसा कि जैसे आफ़ताब हो ।।
- कुमार अनेकान्त 

Thursday, November 24, 2022

इबादत गाह बनाम सैरगाह

सैरगाह मत कहो खुदा के दर को शहंशाह ।
वहाँ हम इबादत को जाते हैं सैर को नहीं ।।

©कुमार अनेकान्त
24/11/22

#saveshikharji

Monday, November 21, 2022

उसे प्यार नहीं भाया जिहाद भा गया



*उसे प्यार नहीं भाया जिहाद भा गया*

© कुमार अनेकान्त

उसे नमस्ते न भाया आदाब भा गया ।
धर्म की कीमत पर भी कबाब भा गया ।।

हम मदहोश ही रहे ,ऊंची नीची जात में ।
मेरे धर्म की कन्या को,आफ़ताब भा गया ।।

श्याम नहीं दिखा ,रहमान भा गया ।
राम नहीं दिखा ,सलमान भा गया ।।

हम कदमों में जान, बिछाए खड़े रहे ।
प्यार नहीं दिखा ,
इश्क ए फ़रमान भा गया ।।

उतरा जब भूत फ़रेब इश्क का ,
याद कुंडली मिलान आ गया ।
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए ,
हिंदी फिल्म का याद गान आ गया ।।

प्यार से भी जरूरी कई काम है ,
माँ बाप का याद वो एहसान आ गया ।
प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए ,
इस इल्म से पहले काम तमाम हो गया 
।।

© कुमार अनेकान्त
22/11/2022

आफ़ताब द्वारा श्रद्धा हत्याकांड