Friday, August 1, 2025

बहुत मुश्किल है बच पाना



जहां को जीतकर भी जहाँ भाता है  हारते चला जाना ।
उसके सजदे में सर का खुद ब खुद 
यूं झुकते चला जाना ।।
जान से प्यारे पर ही जान का कुर्बान हो जाना ।
मोहब्बत की इस रिवायत से बहुत मुश्किल है बच पाना । ।

कुमार अनेकान्त 
2/08/25

Sunday, July 20, 2025

लोकप्रिय

लोकप्रिय 

जं सच्चं सव्वदा ण होदि लोयप्पिअं  खलु संसारे ।
जं लोयप्पिअं होदि सव्वदा ण होदि  खलु सच्चं ।।

जो सही है, वो हमेशा लोकप्रिय नहीं होता,और जो लोकप्रिय होता है,वो हमेशा सही नहीं होता!

कुमार अनेकान्त©
21/07/25

Sunday, July 6, 2025

ज्ञानी का जीवन


सुन्दरजीवणं होइ दव्वणतलइव हु णायगणाणिस्स ।
सागदसव्वस्स अत्थि अप्पसंगहो कस्सवि णत्थि  ।।

भावार्थ - 

ज्ञायक ज्ञानी का जीवन दर्पण के तल के समान निश्चित ही बहुत सुंदर होता है ,क्यों कि वहाँ स्वागत सभी ज्ञेयों का होता है किंतु आत्मा में संग्रह किसी पदार्थ का नहीं होता ।

कुमार अनेकान्त©
7/07/25

Saturday, June 21, 2025

शब्द भी भोजन होते हैं

सद्दो वि खलु भोयणं , सादो वि हवइ वरं चखदु पढमं ।
जइ ण अणुभवइ दुक्खं , हवदि अण्णं वि सुहकारणं ।।

शब्द भी भोजन हैं ,उसमें स्वाद भी होता है,इसलिए दूसरों को परोसने से पहले खुद चख लेना चाहिए । यदि वह आपको खराब नहीं लगता है ,(स्वादिष्ट लगता है )तभी वह अन्य को भी सुख का कारण बनेगा ।

कुमार अनेकान्त 
22/06/25

Wednesday, February 12, 2025

प्राकृत वेलेंटाइन डे

प्राकृत वेलेंटाइन डे 


हिययेण वरं विक्खं  ,
लग्गदु पज्जावरणरक्खणस्स वि।
छाया होदि ण घावं
हविस्सदि सव्वकल्लाणं वि ।।

दिल लगाने से अच्छा है पेड़ लगाओ । वो छांव देता है घाव नहीं । (ऐसा करने से ) पर्यावरण का रक्षण भी होगा और सभी का कल्याण भी होगा ।

अनेकान्त 
14/2/25